ट्रेन में अब टी.टी. बेचेंगे दाल
सुन कर अजीब लगता है ना.. अगर रोडवेज़ में परिचालक टौफी बेच सकता है तो वो दिन भी दूर नही जब ट्रेन में टी.टी. आपको दाल बेचता नज़र आए. “ मैo/स हरियाणा रोडवेज़ एंड टौफी विक्रेता ” की बस में हिसार से दिल्ली का किराया 88 रुपए है, मगर 2 रूपये खुले ना होने की वजह से आपको थमा दी जाती हैं 2 टौफी….. अगर आप 3 रुपए खुले दें तो भी कहा जाता है की देने हैं तो 8 रुपए खुले दो वरना टौफी लो. लाचार सा यात्री अपना मन मार कर टौफी ले लेता है . वो टौफी जिसकी असली कीमत 40 पैसे है. औसतन 50 यात्री को भी अगर 2 टौफी पकडे जायें तो परिचालक Rs.1.20*50= 60 रुपए का शुद्ध मुनाफा बनाने में सफल रहा.
बहादुरगढ़ से दर्ज़नों लोग हरियाणा रोडवेज़ में चदते हैं क्योंकि ये बस बाकी लोकल बसों, जिनका किराया 10 रुपए है, की तरह रुक रुक कर नही चलती. हालाँकि रोडवेज़ में किराया 16 रुपए है पर परिचालक को 10 रुपए देकर बिना टिकिट सुपरफास्ट हरियाणा रोडवेज़ में जाना ‘आम आदमी’ के लिए ज़्यादा सुविधाजनक है. औसतन 14 लोग के हिसाब से 140 रुपए और. गुणा भाग करके देखें तो रोज़ के 2 चक्कर के हिसाब से महीने के 12000 रुपए.
लाखों रुपए की रिश्वत देकर सरकारी नौकरी पाने वाले का इतना हक़ तो बनता ही है. तर्क देने वाले कहते हैं की मार्केट में जाकर पता करो तो पता चलेगा 100 के पीछे 80 या 85 रुपए ही खुले मिलते हैं, पर मुझे कोई ये बताये की जब मैंने ISBT दिल्ली के हिसार काउंटर पर 8 रुपए खुले दिए तो मुझसे अगले यात्री को टौफी क्यों थमाई गई ?? कुछ परिचालकों का ईमान अभी भी जिंदा है जो दिल्ली से हिसार आते हुए करनाल बाईपास पर मूंगफली वालों, पानी की बोतल वालों से 100 रुपए के खुले करा लेते हैं. बाकी ‘ मल्टी टास्किंग’ (1 साथ कई कार्य करने की क्षमता) में विश्वास रखते हैं और टौफी बेचने के साथ साथ कोरियर की चिट्ठियों को भी गंतव्य तक पहुंचाते हैं.
ऐसा नही है की सिर्फ़ हरियाणा रोडवेज़ में ही ऐसा होता है. चंडीगढ़ की लोकल बस में मेरी गलती सिर्फ़ इतनी थी की टिकिट लेते हुए मैंने परिचालक से मेरे स्टॉप के बारे में पूछ लिया. उसने रुपए लिए, अच्छे से रास्ता समझाया और टिकिट दिए बिना आगे बढ़ गया. दिल्ली ISBT से नोएडा जाने के लिए यूपी सरकार की पीली बसें हैं जिनका किराया 11 रुपए है. काफ़ी देर तक जब बस नही चली तो मैंने देखा की थोडी दूर हमारी बस का परिचालक यूपी रोडवेज़ के अधिकारीयों के पावों में गिरा हुआ था. शायद कोई चालान या किसी और वजह से कोई नुकसान हुआ था. बस चलने पर हताश परिचालक ने सब से 10 10 रुपए लिए और टिकिट नही दी और 70 आम आदमी 1 रुपए में अपना ईमान बेच कर यात्रा करते रहे. दिल्ली में अभी भी रुपए की कीमत है 3 रुपए में ब्लू लाइन या DTC आपको कई किलोमीटर तक ले जाती है,10 में से 7 रुपए आपको वापिस करती है. दिल्ली मेट्रो की आधुनिकता में भी आपको खुले रुपए मिलते हैं मगर हरियाणा के महम बसस्टैंड पर 5 रुपए में आपको 3 रुपए की चाय 4 में और 1 टौफी मिलती है.
गौरतलब है की कुछ दिन पहले हरियाणा सरकार ने ढाबों पर बस ना रोकने के निर्देश देकर 1 ‘ साइड बिज़नेस ‘ पर तो रोक लगायी है मगर टौफी का खेल अभी भी बदस्तूर जारी है. निजीकरण, SEZ, मॉल्स, सुपरमार्केट्स, 1-छत-के-नीचे-सब-कुछ और मुनाफे के इस दौर में जहाँ पोस्ट ऑफिस में सोने के सिक्के मिल रहे हैं वहीँ अगर हरियाणा सरकार रोडवेज़ में टौफी के टेंडर निकाल दे तो चौंकिएगा मत. इसका फायदा सरकारी राजस्व में बढोतरी के साथ साथ ये होगा की 1 खाने लायक स्टैंडर्ड की टौफी मिलेगी जिसे ना खाने की सूरत में अगली बार आप किसी भी परिचालक को रुपए की ऐवज़ में दे सकेंगे….
सुन कर अटपटा लगा ना, जाईये ” मिट्ठी गोली ” खाईये ….
February 1, 2009 at 9:38 pm
m damn sure you must have asked him this thing that y is he givin a 40 paisa toffe for 1 rupee. i wud lyk u to tell us his reply plz.. i also think you must have also tried to talk to the incharge of the hisar bus station before goin to the state head.. u must have contacted him wid a letter atleast.. i wud lyk u to post his reply only.. after we get those replies frm ur side on this site we can then contact ne news channel and talk about this… thanks for raisin the issue and actin on it.. i know u know wat i mean to say..
March 17, 2009 at 10:45 pm
mei california mei rahta huin mujhe bahut acha laga aapke ye lekh padhkar. Mere saath bhi ek bar esa hi hua tha mei bharat aya tha aur delhi se hisar ja raha tha muje 5 rupee parichalak se lene the aur vah etne bure dhang se pase aya ki mujhe apne bharatvasi hone par saram anelagi. ab jab bhi aata hun apni kar kiraye par laker ata hun.America mei asa nahi hota. apka ek pasa bhi apko vapis kiya jata hai. ek baar phir apka dhanyavad karta hun.